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आन, बान और शान: अटारी-वाघा के 418 फीट ऊंचे ध्वज से पलवल की 5 KM तिरंगा यात्रा तक, भारत के अनोखे राष्ट्रीय रिकॉर्ड

भारत में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा केवल तीन रंगों और एक चक्र का समायोजन नहीं, बल्कि 140 करोड़ से अधिक भारतीयों के आन, बान और शान का प्रतीक है। देश के प्रति अपनी अटूट निष्ठा और देशभक्ति के जज्बे को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने के लिए भारत के अलग-अलग कोनों में रिकॉर्ड ऊंचाई वाले ध्वजस्तंभ (Flag Poles) और किलोमीटरों लंबी तिरंगा यात्राओं का आयोजन होता रहा है।

सीमा सुरक्षा से लेकर ऐतिहासिक धरोहरों की चोटियों तक, आइए जानते हैं देश के उन प्रमुख स्थानों और अभियानों के बारे में, जिन्होंने तिरंगे के नाम स्वर्णिम रिकॉर्ड दर्ज कराए हैं।

अटारी-वाघा बॉर्डर: जहाँ 418 फीट की ऊँचाई पर लहराता है देश का सबसे ऊंचा तिरंगा

वर्तमान में भारत के सबसे ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का कीर्तिमान अमृतसर (पंजाब) स्थित अटारी-वाघा भारत-पाकिस्तान सीमा के नाम दर्ज है।

  • ऊंचाई और आकार: अक्टूबर 2023 में सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा स्थापित इस ध्वजस्तंभ की कुल ऊंचाई 418 फीट (लगभग 127 मीटर) है। इस पर लहराने वाले विशालकाय तिरंगे का आकार 120 × 80 फीट है।
  • खासियत: अपनी भव्य ऊंचाई के कारण यह राष्ट्रीय ध्वज न केवल भारत की सीमा में दूर से नजर आता है, बल्कि सीमा पार पाकिस्तान से भी इसे स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

भारत के अन्य सबसे ऊंचे और प्रमुख ध्वजस्तंभ

अटारी बॉर्डर के अलावा देश के कई बड़े शहरों और दर्शनीय स्थलों पर विशाल ध्वजस्तंभ स्थापित किए गए हैं:

क्रमस्थान / शहरराज्यऊंचाई (फीट में)मुख्य विवरण
1.अटारी-वाघा बॉर्डरपंजाब418 फीटभारत का सबसे ऊंचा राष्ट्रीय ध्वजस्तंभ।
2.बेलगावी (Belagavi)कर्नाटक361 फीटकोटि चेन्नया पार्क / फोर्ट लेक के पास स्थित।
3.पुणे (Katraj Lake)महाराष्ट्र360 फीटकटराज झील के किनारे लहराता भव्य तिरंगा।
4.कोल्हापुरमहाराष्ट्र303 फीटपुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर के समक्ष।
5.पहाड़ी मंदिर, रांचीझारखंड293 फीटऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर पर स्थापित (झंडे का आकार 66×99 फीट)।
6.संजीवाया पार्क, हैदराबादतेलंगाना291 फीटप्रसिद्ध हुसैन सागर झील के तट पर।
7.रायपुर (तेलीबांधा झील)छत्तीसगढ़269 फीटरायपुर की मरीन ड्राइव पर स्थित।
8.टाउन पार्क, फरीदाबादहरियाणा250 फीट96×64 फीट आकार का विशाल तिरंगा।
9.सेंट्रल पार्क, कनॉट प्लेसनई दिल्ली207 फीटदेश की राजधानी के केंद्र में स्थित सुप्रसिद्ध ध्वज।

पलवल की ऐतिहासिक 5 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा: जब थम गया शहर

पलवल में 5 किलोमीटर लंबे तिरंगे के साथ निकली तिरंगा यात्रा, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज: स्रोत-ETV Bharat

जहाँ एक तरफ ऊँचे खंभों पर तिरंगे फहराने के रिकॉर्ड बने हैं, वहीं दूसरी तरफ जनभागीदारी और मानव श्रृंखला (Human Chain) के ज़रिए भी नए इतिहास रचे गए हैं। हरियाणा के पलवल जिले में फहराया गया 5 किलोमीटर लंबा निरंतर तिरंगा देश के सबसे अनोखे अभियानों में से एक है।

आयोजन की प्रमुख झलकियों पर एक नजर:

  1. ‘हर घर तिरंगा’ और अमृत महोत्सव: स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में युवाओं में देशप्रेम की भावना का संचार करने और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से इस विशाल यात्रा का आयोजन किया गया था।
  2. अभूतपूर्व मानव श्रृंखला: इस 5 किलोमीटर लंबे अखंड तिरंगे कपड़े को थामे रखने के लिए हज़ारों स्कूली छात्र, स्थानीय नागरिक, सामाजिक संगठन, पुलिसकर्मी और जनप्रतिनिधि एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर सड़क पर पंक्तिबद्ध होकर चले।
  3. ऐतिहासिक महत्व: पलवल का भारतीय स्वाधीनता संग्राम से गहरा नाता रहा है। इसी धरती पर सन् 1919 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पहली बार ब्रिटिश हुकूमत ने गिरफ्तार किया था। ऐसे ऐतिहासिक स्थल पर इस स्तर का आयोजन अपने आप में बेहद गर्व की बात है।

कपड़े की लंबाई और विशाल मानव श्रृंखला वाले अन्य रिकॉर्ड

पलवल की ही तर्ज पर देश के अन्य राज्यों में भी कपड़े की अभूतपूर्व लंबाई वाले ध्वजों के साथ भव्य पदयात्राएँ निकाली गई हैं:

  • जयपुर/जोधपुर (राजस्थान): विभिन्न स्वतंत्रता दिवस समारोहों के दौरान 21 किलोमीटर तक लंबी तिरंगा यात्राएँ निकालकर रिकॉर्ड बनाए गए।
  • रायपुर व भिलाई (छत्तीसगढ़): स्कूली बच्चों और आम जनता द्वारा 15 किलोमीटर लंबा तिरंगा सड़क पर प्रदर्शित किया गया।
  • पलवल (हरियाणा): 5 किलोमीटर लंबी सतत मानव श्रृंखला यात्रा।

बर्फ़ीली चोटियों से लेकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स तक

लेह (लद्दाख) में खादी का ध्वज: स्रोत -इंटरनेट मीडिया
  • दुनिया का सबसे बड़ा मानव निर्मित तिरंगा (Human Tricolor): वर्ष 2022 में चंडीगढ़ में 7,500 से अधिक लोगों ने एक साथ मिलकर दुनिया के सबसे बड़े ‘ह्यूमन ट्राइकलर’ का निर्माण किया, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान मिला।
  • सियाचिन और लेह में फहराया तिरंगा: लद्दाख के खातपुंग क्षेत्र और 18,000 फीट से अधिक ऊँचाई पर स्थित सियाचिन ग्लेशियर में भारतीय सेना द्वारा विषम परिस्थितियों में भी तिरंगा फहराया जाता है।
  • खादी का सबसे भारी तिरंगा: 2021 में गांधी जयंती के अवसर पर लेह (लद्दाख) में 225 फीट लंबा और 150 फीट चौड़ा खादी का ध्वज फहराया गया, जिसका कुल वजन 1,000 किलोग्राम (1 टन) था।

चाहे सीमा पर 418 फीट ऊँचाई पर लहराता अटारी का ध्वज हो या पलवल की सड़कों पर 5 किलोमीटर लंबे कपड़े के तिरंगे को थामे हज़ारों हाथ—ये तमाम रिकॉर्ड केवल आँकड़े नहीं हैं। यह हर भारतीय के दिल में धड़कती देशभक्ति की वह अजस्र धारा है जो पूरे देश को एक सूत्र में पिरोकर रखती है।

जमुना दयाल

जमुना दयाल वाराणसी के निवासी हैं और उन्हें हिंदी समाचार मीडिया में 10 से अधिक वर्षों का गहन रिपोर्टिंग अनुभव है। उन्होंने अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में जिला रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए खेल, शिक्षा, राजनीति, कृषि तथा सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से कवर किया है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से जनसंचार में परास्नातक (MJMC) की डिग्री प्राप्त की है और यूजीसी नेट (UGC NET) परीक्षा उत्तीर्ण की है।

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