भारत के हर कोने से

ऐहोले: पत्थरों में छिपी है मंदिर स्थापत्य के प्रयोगों की अनोखी कहानी, कभी कहा जाता था भारतीय वास्तुकला की प्रयोगशाला

कल्पना कीजिए, एक ऐसी जगह की, जहां हर मंदिर का आकार दूसरे से अलग हो। कहीं ऊंचे चबूतरे पर खड़ा…

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जलाबिया से लेकर देश की धड़कन बनने तक—जानिए हर शहर में कैसे बदल गया जलेबी का रूप

गोल्डन रंग, कुरकुरा टेक्सचर और चाशनी में डूबी हुई जलेबी का नाम सुनते ही किसके मुंह में पानी नहीं आता?…

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फ़ोर्ट सेंट जॉर्ज: वो किला जहाँ से ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत पर कसना शुरू किया था शिकंजा

व्यापार से राजकाज तक: 1639 की वो कहानी 17वीं शताब्दी की शुरुआत में जब ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में…

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घड़े जैसा शिवलिंग, 16 भुजाओं वाला नटराज और लंदन तक पहुँची चोरी: बाड़ोली के मंदिरों की अनसुनी कहानी

किसी मंदिर का नाम “घड़े” पर पड़ा हो, ऐसा कम ही सुना होगा। चित्तौड़गढ़ ज़िले के रावतभाटा के पास बाड़ोली…

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अल्मोड़ा की बाल मिठाई और सिंगोरी: पहाड़ का वह स्वाद, जो गढ़वाल और कुमाऊँ को जोड़ता है

पहाड़ की किसी दुकान के काँच में गहरे भूरे रंग की चौकोर बर्फ़ियाँ सजी हों, जिन पर सफ़ेद दाने जड़े…

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तिरुपति लड्डू: GI टैग का कवच और प्रसाद की वह व्यवस्था, जो रोज़ लाखों श्रद्धालुओं तक पहुँचती है

प्रसाद, जिसके बिना यात्रा अधूरी मानी जाती है तिरुमला की पहाड़ियों पर विराजमान भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं…

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नाम दशावतार, पर दीवारों पर लिखी है कोई और कहानी: बेतवा किनारे खड़ा 1500 साल पुराना देवगढ़ का मंदिर

उत्तर प्रदेश के ललितपुर ज़िले में बेतवा नदी के किनारे, विंध्य की पहाड़ियों की तलहटी में एक ऐसा मंदिर खड़ा…

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पानी की वो इमारतें, जो ज़मीन के भीतर बसी हैं: भारत की बावलियों की अनसुनी दास्तान

दिल्ली के कनॉट प्लेस की भागती-दौड़ती सड़कों से बस कुछ क़दम की दूरी पर हैली रोड की एक संकरी गली…

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मथुरा का पेड़ा: कृष्ण की नगरी में मिठास जो प्रसाद बनकर घर-घर पहुँचती है

गलियों में घुलती खोये की महक मथुरा की तंग गलियों में सुबह-सुबह एक ख़ास महक फैलती है: कड़ाही में धीमी…

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मितावली का चौंसठ योगिनी मंदिर: पहाड़ी पर पत्थर का वो गोल रहस्य, जिसे लोग संसद भवन का ‘पूर्वज’ कहते हैं

पहाड़ी पर एक गोल घेरा ग्वालियर से चंबल की ओर बढ़ते हुए जब मितावली गाँव की पहाड़ी पर नज़र जाती…

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