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दुनिया का सबसे लंबा प्लेटफ़ॉर्म: हुबली में 1,507 मीटर का रिकॉर्ड, जिसने गोरखपुर को पीछे छोड़ा

जगह की कमी से जन्मा रिकॉर्ड: 550 मीटर से 1,507 मीटर तक पहुँचा हुबली का प्लेटफ़ॉर्म, 20 करोड़ रुपये में बना दुनिया का सबसे लंबा रेलवे प्लेटफ़ॉर्म

कर्नाटक के हुबली-धारवाड़ में स्थित श्री सिद्धारूढ़ स्वामीजी हुबली जंक्शन अब केवल एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि दुनिया भर के रेल प्रेमियों और यात्रियों के लिए एक रिकॉर्ड बनाने वाली जगह बन चुका है। यहां का प्लेटफॉर्म नंबर 8 1,507 मीटर यानी लगभग 1.5 किलोमीटर लंबा है, जिसने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जंक्शन को पीछे छोड़ दिया है।

गोरखपुर का लंबे समय का रिकॉर्ड टूटा

वर्षों तक उत्तर प्रदेश का गोरखपुर जंक्शन दुनिया के सबसे लंबे रेलवे प्लेटफॉर्म के रूप में जाना जाता था। गोरखपुर के प्लेटफॉर्म की लंबाई 1,366.33 मीटर है। हुबली जंक्शन के नए प्लेटफॉर्म ने इससे लगभग 141 मीटर अधिक लंबाई हासिल कर रिकॉर्ड अपने नाम किया।

अब गोरखपुर जंक्शन दूसरे स्थान पर है, जबकि केरल का कोल्लम जंक्शन लगभग 1,180.5 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म के साथ तीसरे स्थान पर है।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

हुबली जंक्शन के इस प्लेटफॉर्म को 2023 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में “दुनिया का सबसे लंबा रेलवे प्लेटफॉर्म” के रूप में दर्ज किया गया। इसकी कुल लंबाई 1,507.46 मीटर दर्ज की गई, जो लगभग 4,944 फीट के बराबर है।

12 मार्च 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्लेटफॉर्म को राष्ट्र को समर्पित किया। इसके बाद हुबली जंक्शन भारतीय रेलवे की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया।

1.5 किलोमीटर का प्लेटफॉर्म कैसे बना?

यह रिकॉर्ड मुख्य रूप से प्लेटफॉर्म नंबर 8 की वजह से बना है। दरअसल, प्लेटफॉर्म नंबर 8 को प्लेटफॉर्म नंबर 1 से जोड़ा गया है और दोनों की संयुक्त लंबाई 1,507.46 मीटर बनती है।

इसका उद्देश्य लंबी ट्रेनों को आसानी से खड़ा करना, यात्रियों की बढ़ती भीड़ को संभालना और स्टेशन की क्षमता बढ़ाना है। इतना लंबा प्लेटफॉर्म बड़े स्टेशनों पर ट्रेनों के संचालन और यात्री प्रबंधन को अधिक सुविधाजनक बनाता है।

कितना लंबा है यह प्लेटफॉर्म?

इसकी लंबाई का अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि यह लगभग 14 फुटबॉल मैदानों की लंबाई के बराबर बताया जाता है। यानी यहां एक छोर से दूसरे छोर तक पैदल जाना भी एक छोटी सी यात्रा जैसा है।

इस परियोजना पर लगभग 20 करोड़ से अधिक की लागत आने की जानकारी दी गई है। यह निर्माण भारतीय रेलवे की आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता को भी दिखाता है।

क्यों खास है श्री सिद्धारूढ़ स्वामीजी हुबली जंक्शन?

  • यह कर्नाटक के हुबली-धारवाड़ शहर में स्थित है।
  • यह दक्षिण पश्चिम रेलवे जोन का प्रमुख जंक्शन है।
  • इसका प्लेटफॉर्म नंबर 8 दुनिया का सबसे लंबा रेलवे प्लेटफॉर्म है।
  • इसे 2023 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया।
  • इसने गोरखपुर जंक्शन का लंबे समय से चला आ रहा रिकॉर्ड तोड़ा।

यात्रियों के लिए क्या मायने रखता है?

इतना लंबा प्लेटफॉर्म सिर्फ रिकॉर्ड के लिए नहीं बनाया गया। यह बड़ी ट्रेनों, अधिक डिब्बों वाली गाड़ियों और तीज-त्योहारों या पीक सीजन में भारी भीड़ को संभालने में मदद करता है। इससे यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने के लिए अधिक जगह मिलती है।

हुबली जंक्शन अब भारतीय रेलवे की उस तस्वीर का हिस्सा बन चुका है, जहां इंजीनियरिंग, योजना और यात्री सुविधा को एक साथ जोड़ा गया है। गोरखपुर का नाम अब भी भारत के सबसे लंबे प्लेटफॉर्मों में गर्व से शामिल है, लेकिन दुनिया का सबसे लंबा रिकॉर्ड अब कर्नाटक के हुबली के पास है।

जमुना दयाल

जमुना दयाल वाराणसी के निवासी हैं और उन्हें हिंदी समाचार मीडिया में 10 से अधिक वर्षों का गहन रिपोर्टिंग अनुभव है। उन्होंने अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में जिला रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए खेल, शिक्षा, राजनीति, कृषि तथा सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से कवर किया है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से जनसंचार में परास्नातक (MJMC) की डिग्री प्राप्त की है और यूजीसी नेट (UGC NET) परीक्षा उत्तीर्ण की है।

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