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भारत के 10 सबसे अनोखे एयरपोर्ट, जहां लैंडिंग से पहले ही शुरू हो जाता है रोमांच

कहीं रनवे के दोनों ओर समुद्र, कहीं बर्फीली चोटियों के बीच उतरता है विमान; भारत के इन एयरपोर्ट की भौगोलिक बनावट देखकर हैरान रह जाएंगे

हवाई जहाज में बैठकर सफर करने का रोमांच अपने आप में अलग होता है, लेकिन सोचिए जब विमान नीचे उतर रहा हो और खिड़की से बाहर नजर डालते ही चारों तरफ समुद्र दिखाई दे। या फिर विमान बादलों को चीरते हुए अचानक ऐसी घाटी में पहुंचे, जिसके चारों ओर ऊंची-ऊंची बर्फीली पहाड़ियां खड़ी हों। भारत में ऐसे कई एयरपोर्ट हैं जहां मंजिल पर पहुंचने से पहले ही लैंडिंग का अनुभव यात्रा की सबसे यादगार तस्वीर बन जाता है।

देश की भौगोलिक विविधता का असर उसके हवाई अड्डों पर भी दिखाई देता है। हिमालय से लेकर अरब सागर के द्वीपों तक और पश्चिमी घाट से लेकर पूर्वोत्तर की पहाड़ियों तक, कई एयरपोर्ट बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बनाए गए हैं।

इनमें कुछ एयरपोर्ट अपनी ऊंचाई के लिए जाने जाते हैं तो कुछ टेबलटॉप रनवे, समुद्र के बीच स्थित रनवे या पहाड़ी भूभाग के कारण खास हैं।

आइए जानते हैं भारत के ऐसे ही 10 एयरपोर्ट की कहानी।


1. लेह एयरपोर्ट: जहां विमान और पहाड़ आमने-सामने

लद्दाख का कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट भारत के सबसे ऊंचाई वाले वाणिज्यिक एयरपोर्ट में शामिल है। चारों तरफ ऊंचे पहाड़ और बेहद ऊंचाई वाला भूभाग यहां विमान संचालन को मैदानी क्षेत्रों की तुलना में चुनौतीपूर्ण बनाता है।

यात्री के नजरिए से इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती है—लैंडिंग के दौरान हिमालय का अद्भुत दृश्य।

यहां मौसम तेजी से बदल सकता है। ऊंचाई के कारण हवा और मौसम की स्थिति विमान संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

यानी लेह की उड़ान में रोमांच रनवे पर उतरने से पहले ही शुरू हो जाता है।


2. पाक्योंग: पहाड़ों के बीच इंजीनियरिंग का कमाल

सिक्किम का पाक्योंग एयरपोर्ट उन हवाई अड्डों में है जिन्हें देखकर समझ आता है कि पहाड़ों में एयरपोर्ट बनाना कितना कठिन काम हो सकता है।

एयरपोर्ट को पहाड़ी भूभाग में तैयार किया गया है। आसपास की पहाड़ियां और गहरी घाटियां इसकी भौगोलिक पहचान हैं।

विमान से उतरते समय यात्रियों को ऐसा लगता है जैसे रनवे पहाड़ों के बीच किसी विशाल प्राकृतिक मंच पर बनाया गया हो।

खासियत: कठिन पहाड़ी भूभाग में आधुनिक एयरपोर्ट का निर्माण।


3. अगरत्ती: रनवे के दोनों ओर समुद्र

लक्षद्वीप का अगरत्ती एयरपोर्ट भारत के सबसे अनोखे एयरपोर्ट में शामिल है।

द्वीप की सीमित जमीन के बीच एयरपोर्ट का रनवे बनाया गया है। विमान के उतरते समय आसपास समुद्र दिखाई देता है।

यहां पहुंचने वाला यात्री जैसे ही विमान की खिड़की से नीचे देखता है, उसे नीले समुद्र के बीच एक पतली सी जमीन की पट्टी नजर आती है।

एक तरफ आसमान, दूसरी तरफ समुद्र और बीच में रनवे—अगरत्ती की लैंडिंग का यही सबसे खूबसूरत दृश्य है।


4. कालीकट: टेबलटॉप रनवे ने बनाया अलग

केरल का कोझिकोड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अपनी टेबलटॉप रनवे व्यवस्था के कारण विशेष चर्चा में रहा है।

टेबलटॉप रनवे सामान्य तौर पर ऊंचे भूभाग पर बना रनवे होता है, जिसके एक या दोनों सिरों के आगे ढलान होती है। ऐसी भौगोलिक स्थिति विमान संचालन के दौरान अतिरिक्त सावधानी की मांग करती है।

7 अगस्त 2020 को एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से आगे निकल गया था। हादसे के बाद टेबलटॉप रनवे वाले एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर देशभर में चर्चा हुई।

यह एयरपोर्ट दिखाता है कि प्राकृतिक भूगोल किस तरह विमान संचालन को प्रभावित कर सकता है।


5. मंगलुरु: पहाड़ी पर बना रनवे और नीचे समुद्र

कर्नाटक का मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट भी अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण अलग पहचान रखता है।

एयरपोर्ट पश्चिमी घाट क्षेत्र के निकट है और आसपास का भूभाग मैदानी एयरपोर्ट से काफी अलग है।

मानसून के दौरान मौसम और दृश्यता विमान संचालन के लिए विशेष महत्व रखते हैं।

खासियत: पहाड़ी भूभाग, मानसूनी मौसम और समुद्र के निकटता का अनोखा मेल।


6. शिमला: पहाड़ों में छोटा लेकिन बेहद दिलचस्प रनवे

शिमला के पास स्थित जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में हवाई संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम है।

एयरपोर्ट की भौगोलिक स्थिति इसे सामान्य मैदानी एयरपोर्ट से अलग बनाती है। आसपास पहाड़ और घाटियां हैं तथा रनवे का आकार भी बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसा नहीं है।

यात्रियों के लिए यहां सबसे खास अनुभव विमान से बाहर दिखाई देने वाला पहाड़ी नजारा है।

लैंडिंग के दौरान ऐसा लगता है जैसे विमान सीधे पहाड़ों की गोद में उतर रहा हो।


7. कांगड़ा एयरपोर्ट: सामने धौलाधार की बर्फीली चोटियां

हिमाचल प्रदेश का कांगड़ा एयरपोर्ट यानी गग्गल एयरपोर्ट भी यात्रियों के लिए खास अनुभव देता है।

एयरपोर्ट के आसपास धौलाधार पर्वतमाला का विशाल दृश्य दिखाई देता है। मौसम साफ हो तो बर्फ से ढकी चोटियां बेहद करीब नजर आती हैं।

यहां विमान की लैंडिंग के दौरान पहाड़ों का दृश्य यात्रियों को आकर्षित करता है।

यानी यहां हवाई सफर की खिड़की खुद एक प्राकृतिक सिनेमाघर बन जाती है।


8. पोर्ट ब्लेयर: समुद्र और जंगलों के बीच एयरपोर्ट

अंडमान-निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में स्थित वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट देश के खूबसूरत द्वीपीय एयरपोर्ट में गिना जाता है।

यहां विमान से उतरने से पहले ही यात्रियों को समुद्र, द्वीप और हरियाली का दृश्य दिखाई देने लगता है।

मुख्य भूमि से दूर होने के कारण यह एयरपोर्ट अंडमान-निकोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हवाई संपर्क प्रदान करता है।

खासियत: समुद्र और उष्णकटिबंधीय द्वीपों के बीच हवाई यात्रा।


9. गंगटोक नहीं, पाक्योंग—सिक्किम की उड़ान का नया दरवाजा

सिक्किम के संदर्भ में एक दिलचस्प बात यह है कि राज्य की राजधानी गंगटोक का अपना अलग एयरपोर्ट नहीं है। पाक्योंग एयरपोर्ट गंगटोक के लिए हवाई संपर्क का प्रमुख द्वार है।

यहां विमान उतरते समय बादल और पहाड़ यात्रियों को घेर लेते हैं। पहाड़ी इलाके में एयरपोर्ट बनाने के कारण यह इंजीनियरिंग और विमानन दोनों दृष्टि से दिलचस्प उदाहरण है।

खासियत: पहाड़ों के बीच रनवे और बादलों के बीच उतरने का अनुभव।


10. श्रीनगर: घाटी में उतरता विमान

श्रीनगर का शेख उल-आलम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कश्मीर घाटी में स्थित है। एयरपोर्ट के आसपास पहाड़ों का विशाल प्राकृतिक परिदृश्य दिखाई देता है।

सर्दियों में बर्फ से ढके पहाड़ और गर्मियों में हरियाली यात्रियों को अलग-अलग मौसम में अलग दृश्य देते हैं।

कश्मीर घाटी की भौगोलिक स्थिति के कारण यहां पहुंचने वाली उड़ान यात्रियों के लिए केवल परिवहन का साधन नहीं बल्कि खूबसूरत प्राकृतिक अनुभव भी बन जाती है।


समुद्र से पहाड़ तक, हर एयरपोर्ट की अपनी कहानी

भारत के इन एयरपोर्ट को खास बनाने वाली बात सिर्फ उनकी खूबसूरती नहीं है। इनके पीछे इंजीनियरिंग, मौसम, भूगोल और विमान संचालन की अलग-अलग चुनौतियां भी छिपी हैं।

एयरपोर्टराज्य/क्षेत्रसबसे खास बात
लेहलद्दाखऊंचाई और हिमालय
पाक्योंगसिक्किमपहाड़ी भूभाग
अगरत्तीलक्षद्वीपसमुद्र के बीच द्वीप
कालीकटकेरलटेबलटॉप रनवे
मंगलुरुकर्नाटकपहाड़ी भूभाग
शिमलाहिमाचल प्रदेशपहाड़ों में रनवे
कांगड़ाहिमाचल प्रदेशधौलाधार का दृश्य
पोर्ट ब्लेयरअंडमान-निकोबारसमुद्र और द्वीप
श्रीनगरजम्मू-कश्मीरकश्मीर घाटी
ग्वालियरमध्य प्रदेशऐतिहासिक-सैन्य क्षेत्र के करीब

एयरपोर्ट भी बन सकते हैं पर्यटन का हिस्सा

आमतौर पर लोग एयरपोर्ट को यात्रा की शुरुआत या अंत की जगह मानते हैं। लेकिन भारत के ये एयरपोर्ट बताते हैं कि कभी-कभी यात्रा का सबसे खूबसूरत हिस्सा विमान के जमीन पर उतरने से ठीक पहले शुरू होता है।

कहीं खिड़की से नीचे नीला समुद्र दिखाई देता है, कहीं बर्फीली चोटियां और कहीं बादलों के बीच से झांकती पहाड़ियां। यही विविधता भारत के हवाई सफर को भी उतना ही रोमांचक बनाती है, जितना यहां की सड़क और रेल यात्राओं को।

फोटो स्रोत- इंटरनेट मीडिया 

जमुना दयाल

जमुना दयाल वाराणसी के निवासी हैं और उन्हें हिंदी समाचार मीडिया में 10 से अधिक वर्षों का गहन रिपोर्टिंग अनुभव है। उन्होंने अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में जिला रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए खेल, शिक्षा, राजनीति, कृषि तथा सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से कवर किया है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से जनसंचार में परास्नातक (MJMC) की डिग्री प्राप्त की है और यूजीसी नेट (UGC NET) परीक्षा उत्तीर्ण की है।

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